हेलो Everyone कैसे हो यार तुम लोग उम्मीद करता हु सब कुशल मंगल होगा, आज मैं एक बात तुम लोगो से share करना चाहता हु बहोत पुरानी एक कहावत हैं /// शायद किसी ने सच ही कहा हैं की ज़माने से जुदा जिनका कोई काम होता हैं, ज़माने भर में अक्सर उन्ही का तो नाम होता हैं... यार मेरा एक दोस्त हैं, संजय पता नहीं उसके दिमाग मैं क्या आया वो मुझसे बैठे बैःते मुझसे कहने लगा यार नितेश क्या हमारी ज़िंदगी ऐसी तरह मजदूरों की तरह कट जायगी?? आखिर कब तक चलेगा ये सब। .... मैंने भी बोला यार बात तो तेरी सही हैं, अगर ज़िंदगी बदलनी हैं तो कुछ तो करना ही पड़ेगा सोचते हैं कुछ, लेकिन अभी मुझे देर हो रही हैं अभी मैं चलता हु.. ये कहकर मैं वहा से चला गया!! कुछ दिन तो सब वैसे ही अच्छा खासा चल रहा था लेकिन कुछ दिन बाद मैंने महसूस किया की यार कुछ तो हैं, मेरे दोस्त संजय का "नेचर" व्यवहार में बदलाव आ रहा था वो अलग अलग सा रहने लगा था, बातें काम करने लगा था मुझसे, सुबह जब मेरे पास आता तो उसकी आखो को देखकर ये अहसास होता था , जैसे वो रात भ...